ईपीएफ की ब्‍याज दरों पर छिड़ी जंग

Money
नयी दिल्ली। कर्मचारी भविष्‍य निधि (ईपीएफ) की ब्‍याज दरों को बढ़ाने को लेकर कर्मचारी संगठन, श्रम मंत्रालय और ईपीएफओ में जंग छिड़ गई है। मामला इतना उलझ गया है कि तीनों मिलकर इसे सुलझने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। अंतत: मामला वित्‍त मंत्रालय भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि अब वित्‍त मंत्री ही ईपीएफ की दरें तय करेंगे।

असल में कर्मचारी भविष्‍य निधि कोष का प्रबंध करने वाले संगठन ईपीएफओ ने 2011-12 में 8.25 प्रतिशत ब्‍याज देने का सुझाव दिया है, जबकि कर्मचारी संगठन 2010-11 की तरह 9.5 प्रतिशत ब्‍याज देने की मांग कर रहे हैं, जबकि नियोक्‍ताओं का संगठन इसे 8.5 करने की मांग कर रहा है। चालू वित्त वर्ष में देय ब्याज को लेकर मतभेद इतना गहरा गया कि तीनों मिलकर कोई हल नहीं निकाल सके।

तमाम जद्दोजहद के बाद ईपीएफओ ने मामले को सुलझाने के लिए वित्‍त मंत्रालय से हस्‍तक्षेप से मांग की है। हालांकि ऐसा पहली बार हुआ है। कर्मचारी भविष्य निधि खाते के ब्याज पर वित्त मंत्रालय से हस्तक्षेप की अपील न्यासी मंडल को 4.7 करोड़ से ज्यादा ईपीएफ अंशधारकों के पैसे पर 2011-12 के लिए लगने वाले ब्याज पर फैसला करना था पर मंडल के सदस्यों के बीच मतभेद सुलझा नहीं सका।

श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने न्यासियों की बैठक के बाद कहा कि बैठक में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारी संघों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधियों द्वारा ब्याज दर के बारे में तीन अलग-अलग सुझाव दिए गए। उन्होंने कहा कि अब ईपीएफओ वित्त मंत्रालय को ब्याज दर तय करने को कहेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+