'सरकार भगवद गीता मुद्दे पर कड़ा रूख अपनायें'

धार्मिक गुरुओं ने गीता को मानव कल्याण का मार्ग बताने वाला पवित्र ग्रंथ बताया और रूस में इसके अपमान की आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस सरकार से इस मामले में उचित तरीके से माफी नहीं मांगी, तो उसके खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। धरने के बाद रूस सरकार के पुतले को जूतों की माला पहनायी गयी और उसे आग के हवाले कर दिया गया।
अखिल भारतीय संत समिति, मठ-मंदिर सलाहकार समिति और धर्म समाज नाम के संगठनों के एक प्रवक्ता ने बताया कि रूस सरकार के खिलाफ किये गये इस विरोध प्रदर्शन में करीब 200 साधु-संतों समेत अलग-अलग धर्मो के करीब एक हजार लोग शामिल हुए। लेकिन इस मुद्दे पर भारत सरकार को भी आगे आना चाहिए। क्योकि गीता का अपमान बर्दास्त करने योग्य नहीं है।












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