पेंशन फंड पर ले सकेंगे गारंटीशुदा रिटर्न

गौरतलब है कि सुषमा स्वराज, अरुण जेटली और यशवंत सिन्हा जैसे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ इस मुद्दे पर बैठक करने वाले मुखर्जी ने बिल में संशोधन की उनकी मांग मान ली। इसके मुताबिक, अब बिल में एफडीआई की सीमा 26 फीसदी तय की जाएगी। साथ ही, गारंटीशुदा रिटर्न और आसान विड्रॉल नियमों के भी प्रावधान किए जाएंगे। इन तीनों संशोधनों पर कैबिनेट ने पहले वीटो लगा दिया था। गारंटीशुदा रिटर्न के अलावा निवेशकों को बाजार आधारित रिटर्न का विकल्प भी दिया जाएगा।
यूपीए की सहयोगी पार्टी तृणमूल कांग्रेस अब भी इसका विरोध कर रही है। हालांकि, सरकार के सूत्रों का कहना है कि वह संसद में बिल के खिलाफ औपचारिक विरोध ही दर्ज कराएगी। लोकसभा में तृणमूल कांगेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात करने वाले संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने उन्हें तीनों संशोधनों की जानकारी दी। बंदोपाध्याय ने ईटी को बताया, 'मैंने इस बारे में ममता बनर्जी को जानकारी दे दी है। वह इस पर अंतिम फैसला करेंगी।'
मालूम हो कि इस बिल की अवधारणा वाजपेयी सरकार के दौरान तैयार हुई थी, लेकिन उसके बाद यह लगातार लटकता रहा क्योंकि यूपीए सरकार की पहली पारी में वामपंथी दलों का समर्थन बेहद अहम था। वित्त मंत्री ने बीजेपी नेताओं के सामने कंपनी विधेयक का मुद्दा भी उठाया। बीजेपी का सुझाव है कि सरकार ने स्थायी समिति से लौटाए जाने के बाद इसमें काफी बदलाव किए हैं, ऐसे में इसे दोबारा पैनल के पास भेजा जाना चाहिए। बीजेपी यह भी चाहती है कि कंपनी विधेयक में लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) की इजाजत दी जाए।












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