'भगवद गीता' विवाद पर संसद में हंगामा

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने संसद की कार्रवाई के दौरान हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ गीता को राष्ट्रीय पुस्तक घोषित करने की मांग कर डाली। सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार इस मामले पर हिंदुओं की भावनाओं की कद्र करते हुए इस मामले पर भरोसा न जताए बल्कि रूस में इस धार्मिक पुस्तक पर लगा प्रतिबंध हटाए।
उधर इस मामले में विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने संसद में अपना बयान देते हुए कहा कि उन्होंने रूस से इस मामले में बातचीत की है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सरकार को यह भरोसा है कि रूस जल्द ही इस विवाद को सुलझा लेगा।
गौरतलब है कि गीता को लेकर रूस की अदालत में मुकदमा चल रहा है। ईसाई ऑर्थोडॉक्स चर्च से जुड़े एक संगठन ने इस पवित्र ग्रंथ को उग्रवादी ग्रंथ करार देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। भारत में रूस के राजदूत एलेक्ज़ेंडर एम कैडाकिन ने कहा कि किसी भी कीमत पर लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी।
रूस में भारत के राजदूत अजय मल्होत्रा ने बताया कि इस मामले में भारत ने रूस के सामने कड़ा विरोध जताया है। इतना ही नहीं रूसी सरकार ने इस मामले में भारत को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही इस पर जरूरी कदम उठाएगी।
रूस के इस कदम का विरोध कर रहे हिंदू जानकारों का कहना है कि रूस की संस्थाओं का यह कहना गलत है कि गीता उग्रवाद फैलाती है। जिसने भी गीता को पढ़ा है उसे पता होगा कि गीता में कर्म करने पर बल दिया गया है। इसे किसी और चीज से जोड़ना गलत है।












Click it and Unblock the Notifications