डीयू में फर्जी एडमिशन में पुलिस ने 4 को दबोचा
दिल्ली
(ब्यूरो)। डीयू के रामजस कालेज में फर्जी एडमिशन मामले में पुलिस ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। चारों दिल्ली विश्वविद्य़ालय के ही पूर्व छात्र बताए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है कि उसमें नरेश ताऊ, रोहित लांबा, कुलदीप व एमएस सिट्टा शामिल हैं। सभी की उम्र 25 वर्ष के लगभग है। नरेश ताऊ व रोहित लांबा काफी समय से इस तरह के फर्जीवाडे़ में लिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार नरेश ने 20 तथा रोहित ने सात दाखिले 12वीं की फर्जी मार्कशीट के आधार पर कराए थे। वहीं कुलदीप व एमएस सिट्टा भी अपने संपर्को से कुछ फर्जी दाखिले कराने में संलिप्त हैं। हालांकि पुलिस मामले के मास्टर माइंड की तलाश कर रही है। id="toptextpromo">डीसीपी
आइबी रानी ने बताया कि यह लोग दाखिले के लिए छात्रों से दो से सात लाख रुपये लेते थे। डीयू के रामजस कालेज में कई छात्रों ने फर्जी मार्कशीट के आधार पर दाखिला लिया था। कॉलेज प्रशासन से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने स्नातक प्रथम वर्ष के 28 तथा द्वितीय वर्ष के पांच छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में दोषी पाए जाने पर 12 दिसंबर को श्री राम कालेज आफ कामर्स में बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र साहिल सहित रामजस कालेज में बीकॉम सेकेंड ईयर के छात्र मुकुल और एक पूर्व छात्र संचित दहिया व एक साइबर कैफे के संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>सूत्रों
ने बताया कि नरेश ताऊ सन 2007 में रामजस कालेज का छात्र था, लेकिन वह बीच में ही पढ़ाई छोड़ होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने लगा था। तीन वर्ष में कोर्स पूरा करने के बाद उसने कमला नगर में नाइन 57 नाम से रेस्टोरेंट खोल लिया था। बताया जाता है कि कालेज के समय वह अपनी गुंडई के लिए जाना जाता था। सूत्र बता रहे हैं कि इनकी गिरफ्तारी से कुछ और फर्जी एडमिशन के बारे में खुलास होने की उम्मीद है।











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