'सी ग्रुप' को लोकपाल में ला सकती है सरकार

Manmohan Singh, Anna Hazare
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ सशक्त लोकपाल बिल लाने के लिए अन्ना ने रविवार को जंतर-मंतर पर अनशन करके यूपीए सरकार की चिंता जरूर बढ़ा दी है। भले ही यूपीए का कोई भी नुमांइदा खुलकर बातें ना करे लेकिन कहीं ना कहीं उसके सियासी गलियारों में खलबली मच गयी है।

अन्ना के मंच पर सभी विपक्षी दलों का यूं आकर कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलने से यूपीए सरकार को सी ग्रुप और डी ग्रुप के अधिकारियों के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

टीवी चैनलों के मुताबिक यूपीए सरकार प्रधानमंत्री और ग्रुप सी के कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में लाने पर फिर से विचार कर सकती है। इसी के चलते वो एक बार फिर से मंगलवार को कैबिनेट बैठक कर सकती है। उसके बाद वो अपना फैसला बुधवार को सर्वदलीय बैठक में सुनायेगी। क्योंकि उसके पास 19-22 दिसंबर तक का ही समय है लोकपाल बिल पेश करने का।

आपको बता दें कि रविवार को अन्ना के मंच से सभी विरोधी दलों ने एक राग अलापते हुए सी और डी ग्रुप के कर्मचारियों को लोकपाल के दायरे में रखने की बात कही है। यही नहीं इस बात की मांग अन्ना और अन्ना टीम भी कर रही है लेकिन सरकारी लोकपाल बिल में इन कर्मचारियों को नहीं रखा गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+