यूपी चुनावों से पहले कांग्रेस ने मिलाया अजित सिंह से हाथ

इस समझौते के तहत कांग्रेस आरएलडी को 40 विधानसभा सीटों पर उनके प्रताशियों को उतारने का मौका देगी। जबकि बाकी सीटों पर कांग्रेस खुद अपने प्रत्याशी उतारेगी। उत्तर प्रदेश में पहले भी इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं कि कांग्रेस अपने अभियान को असली जामा पहनाने के लिए किसी क्षेत्रीय पार्टी से हाथ मिला सकती थी। अंत में कांग्रेस ने उन्हीं अजित सिंह का हाथ थामा जो लगभग यूपी में हर दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुके हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे उसी पार्टी से हाथ मिला लेते हैं जो पार्टी सत्ता में होती है।
आरएलडी के इस बार यूपी में होने वाले विधानसभा चुनावों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से पर अजित सिंह की पार्टी आरएलडी का अच्छा खासा प्रभाव है। जिस वजह से कांग्रेस ने यह पासा फेंका है। कांग्रेस का आरएलडी से हाथ मिलाने के पीछे यह भी कारण है कि अजित सिंह चुनावों से पहले किसी न किसी पार्टी से हाथ जरूर मिलाते। अब देखना है कि कांग्रेस की आरएलडी के साथ यह दोस्ती उसकी यूपी में 22 साल बाद वापसी करा पाती है या नहीं।












Click it and Unblock the Notifications