चीन, भारत वे अमेरिका के रिश्तों की कनफ्यूजन

चीन और भारत के बीच बढ़ती तनातनी देख अमेरिका ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिशें शुरू कर दीं। इन दोनों की लड़ाई में अमेरिका समझौता कराने आ पहुंचा। जिसके बाद चीन ने सीधे तौर पर अमेरिका के इस कदम पर आपत्ति जता दी। वजह है कि चीन और अमेरिका के संबंध भी पिछले कुछ समय से तनाव भरे रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक नीतियों को लेकर अमेरिका पहले ही चीन से उलझ चुका है। अमेरिका ने आरोप लगाया कि चीन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मानकों का पालन नहीं कर रहा है। जिसकी वजह से अमेरिका को नुकसान हो रहा है। चीन ने अमेरिका के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका की बर्बादी के लिए वह जिम्मेदार नहीं है।
अमेरिका और चीन के आपसी संबंधों में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका ने चीन को समुद्री रास्ते से घेरने की योजना बना डाली। चीन पर नियंत्रण करने के लिए अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया की नौसेना से सहयोग तक मांग लिया। फिर क्या था चीन अमेरिका के इस कदम से बिलबिला उठा। उसने ऑस्ट्रेलिया को सीधे तौर पर धमकी दी कि अगर वह अमेरिका को सहयोग करेगा तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। हालांकि व्यापारिक रिश्तों के लिए दोनों देश आपस में सहयोग की बात करते रहते हैं।












Click it and Unblock the Notifications