ये कैसी ममता! 72 मौतों के बाद लाइसेंस रद्द

निजी सूत्रों की मानें तो 175 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में हादसे के वक्त 162 मरीज भर्ती थे। सूत्रों की मानें तो आग लगने की वजह अभी भी साफ नहीं हो सकी है। सिर्फ अटकलें लगाई जा रही हैं कि शार्ट सर्किट हादसे की वजह हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ लाइसेंस रद्द किए जाने के बारे में पूछे जाने पर एएमआरआई अस्पताल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस उपाध्याय ने इस पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। अस्पताल के निचले तल में ज्वलनशील सामग्री इकट्ठा करके रखे जाने संबंधी आरोपों पर उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन इस पर ध्यान देगा।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने अस्पताल का मुआयना करने के बाद कहा कि राज्य सरकार राहत अभियानों के बाद इतनी बड़ी संख्या में मरीजों की मौत के लिए एएमआरआई समूह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मुखर्जी ने कहा कि हैरानी की बात है कि अस्पताल के अधिकारियों ने आग में फंसे रोगियों को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी आग लगते ही वहां से भाग गए।
मालूम हो कि 8 मंजिला इमारत में बसे पश्चिमी कोलकाता के जाने-माने एमआरआई अस्पताल में शुक्रवार की तड़के लगभग साढ़े तीन बजे अचानक आग लग गई। धीरे धीरे आग ने पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले लिया और 70 लोगो की दम घुटने से मौत हो गई। मौके पर पहुंचे बचाव दल कर्मियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला।












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