यूपी पुलिस ने दर्ज किया मुर्दे के खिलाफ मुकदमा

उत्तर प्रदेश पावर कारोपोरशन के लिए यह कोई नई बात नहीं कि विभाग ने किसी मरे हुए व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हो। पूर्व में भी विभाग इस प्रकार की लापरवाहियां करता रहा है जब मरे हुए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और जुर्माने का नोटिस भेज दिया जब लापरवाही पकड़ी गयी तो अधिकारियों ने गलती स्वीकार कर माफी मांग ली। ऐसे मामले में विभागीय स्तर पर कभी कोई कार्य नहीं हुई इसी का परिणाम था कि विद्युत विभाग सीतापुर के प्रवर्तन दल के अवर अभियंता विकास मान तिवारी ने पिछले 23 नवम्बर को शहर कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया।
जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया उसमें ऊंचाठोक निवासी झुम्मन का भी नाम था। प्रवर्तन दर्ज द्वारा लिखा पढ़ी होने पर पुलिस ने भी आंखे मूंदकर मामला दर्ज कर लिया और कोई छानबीन करने की कोशिश नहीं की। आनन-फानन में बिजली चोरों के खिलाफ जुर्माना वसूली का नोटिस भेज दिया गया। नोटिस जब झुम्मन के पते पर पहुंचा तब पता चला कि उसकी तो 15 वर्ष पहले ही मृत्यु हो चुकी है। झुम्मन के घर वालों को जब नोटिस मिला तो उनके होश उड़ गए। यदि झुम्मन की मौत 15 वर्ष पूर्व हो चुकी थी तो फिर चोरी कौर कर रहा था यदि मामला गलत है तो आखिर मुकदमा दर्ज कराने वाले के खिलाफ कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गयी। इनमें से किसी भी प्रश्न का उत्तर न तो पुलिस ही दे रही है और न ही बिजली विभाग के अधिकारी ही कुछ बोलने को तैयार हैं।












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