परमाणु के अवैध व्‍यापार पर अमेरिका और चीन एक साथ

nuclear
बीजिंग। चीन और अमेरिका ने शंघाई में आज एक बड़ी पहल करते हुए परमाणु एवं अन्य रेडियोएक्टिव सामग्रियों के अवैध व्यापार को रोकने के लिए हाथ मिलाया। इसके लिए शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट के तहत शहर के यांगशेन बंदरगाह से गुजरने वाले सभी कार्गो को रेडिएशन जांच से गुजरना होगा।

आतंकवाद से लड़ने में चीन-अमेरिका सहयोग के तहत उठाए इस कदम का लक्ष्य संबंधित बंदरगाहों पर जांच प्रणाली स्थापित कर परमाणु एवं अन्य रेडियोएक्टिव सामग्रियों के अवैध परिवहन को रोकना है। दोनों देशों ने नवंबर, 2005 में एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया था और फरवरी, 2006 में 11 एनेक्सी पर तकनीकी वार्ता शुरू की जो मई, 2007 में सिरे चढ़ी।

सहयोग योजना के मुताबिक, यांगशेन बंदरगाह पायलट परियोजना चीन के जनरल एडमिनिस्टशन आफ कस्टम्स, गुणवत्ता निगरानी प्रशासन और अमेरिकी उर्जा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाई जाएगी। वही बराक ओबामा ने खुद को मध्य वर्ग का नेता बताते हुए 2012 के अपने चुनावी अभियान के लोकलुभावन विषय की लांचिंग के लिए भारत और चीन को होने वाली आउटसोर्सिंग से पैदा होने वाले खतरे का राग अलापा था।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+