इंटरनेट विरोध मामले में दोस्त बने भारत-पाकिस्तान

इन सोशल नेटवर्किंग साइटट्स के पर कतरने के पीछे दोनों देशों की अलग-अलग वजहें हैं। पाकिस्तान ने इस बंद करने के लिए धर्म का सहारा लिया। उसने दलील दी कि इस पर अश्लीलता फैलाई जा रही है जो हमारी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। पाकिस्तान ने अपने देश में फेसबुक को तो बैन किया ही साथ में उसने अपने नागारिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी हाशिये पर खिसका दिया। लोग विरोध करते रह गए और वहां की सरकार ने निरंकुश शासन की तरह जनता की एक न सुनी। भारत भी इस पर कुछ राजनीतिक हस्तियों संग हो रही अश्लीलता का बहाना बनाकर गूगल और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर कई तरह के बैन लगाने की योजना बना रहा है।
दुनिया भर को तकनीक की राह पर डालने वाला अमेरिका भारत के इस कदम का खुलकर विरोध कर रहा है। अमेरिका ने कहा कि इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में कटौती के किसी भी प्रयास को लेकर हम चिंतित हैं। हाल ही में भारतीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कल कहा था कि सरकार ने गूगल और फेसबुक जैसी कंपनियों से आपत्तिजनक, विशेषकर भारतीयों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री को हटाने को कहा है। अमेरिका ने भारत को अपील की है कि वह लोकतंत्र में इस तरह का कदम न उठाए।












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