रंग लाये मोदी के प्रयास, चीनी जेल से रिहा होंगे 13 भारतीय

चीन की अदालत के निर्णय में 11 को निर्दोष पाया गया है, और उन्हें 15 दिन के भीतर भारत भेज दिया जाएगा। बचे हुए 11 आरोपियों में एक को 23 माह की सजा हुई है, जबकि दूसरे को दो साल की। चूंकि ये लोग पहले ही जेल में 2 साल बिता चुके हैं, यानी ये दोनों भी जल्द ही रिहा हो जायेंगे। 6 अन्य व्यक्तियों को 3 साल की सजा हुई है, 2 को 5 साल और एक को 6 साल की सजा सुनाई गई है। ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को 14 साल की सजा को देखते हुए भारतीयों को कम सजा हुई है।
पिछले महीने नरेन्द्र मोदी ने चीन के शीर्ष अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने 22 भारतीयों के मुद्दे को उठाया, जिनमें से अधिकांश गुजरात के हैं। उन्होंने चीनी अधिकारियों को व्यापारियों के परिवार की चिंताओं से अवगरत कराया। चीनी अधिकारियों ने नरेंद्र मोदी के इस दौरे को प्रमुखता से लिया और मामले को सफलता मिली। यह माना जा रहा है कि उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान, चीनी नेतृत्व ने मोदी द्वारा उठाये गये मुद्दों को प्रमुखता से लिया और भारत के साथ, खासतौर से गुजरात के साथ मैत्रिक संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया। चीनी अधिकारियों ने मोदी को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही व्यापारियों के मामले में फैसला सुनाएंगे। इन 22 भारतीयों को चीन के जेल में लगभग 2 साल के लिए रहना पड़ा।
मोदी के चीन दौरे के तुरंत बाद चीन में भारतीय राजदूत डॉ. एस जयशंकर और काउंसल जनरल, गुआंगज़ौ इंद्रमणि पांडे ने 22 बंदियों से मुलाकात की। असल में चीन यात्रा के पहले बंदियों के रिश्तेदारों ने मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगायी थी। उन्होंने विशेष अदालत का अनुरोध किया था। गौरतलब है कि 8 जनवरी, 2010 को हांगकांग से चीन हीरे ले जा रहे 22 लोगों को चीन पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर हीरा तस्करी का आरोप लगाया गया।
उसके बाद मोदी ने अधिकारियों से इस मामले पर नजर बनाये रखने की बात कही। मोदी को इन बंदियों के स्वास्थ्य की चिंता थी, अधिकांश बंदियों के शाकाहारी होने की वजह से वहां वे बीमार पड़ने लगे। स्थिति निराशाजनक हो गई थी।
इस मामले पर मोदी ने कहा, "नवंबर में चीन के दौरे के दौरान मैंने 22 भारतीय युवकों के इस मामले को चीन के सामने मानवता के आधार पर उठाया।" मैंने जोर दिया कि भारतीय पिछले दो वर्षों के बाद से चीनी जेल में सड़ रहे हैं, उनके लिए त्वरित न्यायालय की व्यवस्था की जानी चाहिये। मैं चीन सरकार को धन्यवाद देता हूं, कि वहां के अधिकारियों ने जल्दी-जल्दी सुनवाई कर इस मामले में निर्णय सुनाया। मैं चीनी सरकार का आभारी हूं।"












Click it and Unblock the Notifications