चपरासी की सैलरी 10 हजार और संपत्ति 10 करोड़

सन् 1980 में उज्जैन नगर निगम में चपरासी के रूप में अपने काम की शुरुआत करने वाले तथा वर्तमान में निगम के स्टोर का प्रभार संभाल रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नरेंद्र देशमुख के यहां जब बुधवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी की तो उसके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। क्योंकि घर का दरवाजा खुलते ही निगम के इस मामूली स्टोर कीपर के बंगले में सारी भौतिक सुख सुविधाएं थीं। प्रारभिक जांच में टीम को 10 करोड़ से अधिक की बेनामी सम्पत्ति इस बाबू के पास होने के दस्तावेज मिले।
लोकायुक्त के आला अधिकारियों के निर्देशन में टीम नरेन्द्र के घर पहुंची। जहाँ उन्होंने छापेमारी की कार्यवाही शुरू की। आपको बताते चलें कि लोकायुक्त पुलिस को नरेन्द्र के खिलाफ काफी समय से आय से अधिक संपत्ति की शिकायतें मिल रही थीं। छापेमारी के दौरान लोकायुक्त टीम संपत्ति देख हक्का-बक्का रह गई। शुरुआती जांच में ही लोकायुक्त को नरेन्द्र के नाम तकरीबन पांच करोड़ की संपत्ति होने की जानकारी लगी। लोकायुक्त के आला अधिकारियों की मानें तो नरेन्द्र देशमुख नगर निगम में 31 वर्षो से कार्यरत है। जिसमें इन्हें अब तक कुल 15 लाख का वेतन मिल चुका है।
अगर इतने वर्षो में देशमुख द्वारा 6 लाख रुपए भी खर्च किए गए हैं, तो उनके पास कुल जमा पूंजी 9 लाख होनी चाहिए। परंतु उनकी जमा पूंजी 5 करोड़ के आसपास है। लोकायुक्त डीएसपी ने बताया कि नरेन्द्र देशमुख के गोवर्धनधाम मकान के साथ ही इनके एक अन्य इंदिरानगर स्थित मकान की जानकारी हमें मिली है। साथ ही इनकी 18 बीघा जमीन, जिसमें पोल्ट्री फार्म, फार्म हाऊस, कृषि भूमि है उसकी भी जानकारी मिली है। इनके विभिन्न बैंकों में दस-बारह खाते, एसबीआई, आईडबीआई, आईसीआईसीआई बैंक में लॉकर, चार चौपहिया वाहन, चार एक्टिवा, 10 मोबाइल, एलसीडी, तीन एसी, एक लेपटॉप के साथ ही जलगांव महाराष्ट्र में भी संपत्ति होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
पूर्व में भी छोटे कर्मचारियों के घर से हो चुकी है बड़ी बरामदगी
21 जुलाई 2011- उडिसा के कटक जिले में एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी के यहां छापे में विजिलेंस अधिकारियों ने दो करोड़ रुपये बरामद किए।
23 जुलाई 2011- मध्य प्रदेश के खरगौन में लोकायुक्त ने जल संसाधन विभाग में कार्यरत एक सब इंस्पेक्टर के यहां छापा मारकर 10 करोड़ की संपत्ति बरामद।
12 नवंबर 2011- उज्जैन के क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट ऑफिस में कार्यरत एक आरटीओ इंस्पेक्टर के यहां छापे में 6.5 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद हुई।
अभी अभी यह खबर आ रही है कि आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में नरेन्द्र देशमुख को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में जांच के आदेश दिये गये हैं।












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