मकान मालिकों ने कहा, बैंक हमें माफ करें

Landlords ask Noida banks to pack up
दिल्ली (ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट का आवासीय सेक्टरों से बैंक का कामकाज बंद करने के आदेश के बाद आज ज्यादादर मकान मालिकों ने बैंकों से कह दिया कि वे अपना काम समेट लें। हालांकि कोर्ट ने दो महीने में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। दिनभर बैंकों के स्टाफ से लेकर आम लोगों में निर्णय को लेकर भविष्य की चर्चाएं होती रही। दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं के सवाल से बैंक प्रबंधकों को दो-चार होना पड़ा। कई उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने में भी मेहनत करनी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर आवासीय परिसर में चल रही 30 से अधिक शाखाओं को नोएडा रेजीडेंशियल एरिया बैंक ऑनर्स एसोसिएशन ने बैंकिंग गतिविधि बंद कराने का नोटिस थमा दिया है।

एसोसिएशन के पदाधिकारी नोटिस और रिसीविंग की प्रतिलिपि आज प्राधिकरण को मुहैया कराने जाएंगे। हालांकि इस नोटिस का बैंकों के कामकाज पर कुछ खास असर नहीं दिखा। एसोसिएशन के महासचिव रोहित सप्रा ने बताया कि एसोसिएशन से जुड़े 27 सदस्यों ने अपने आवासीय परिसर में चल रही बैंक शाखाओं को नोटिस पहुंचा दिया है, जबकि तीन नोटिस ईमेल के जरिए बैंकों को भेज दिए गए हैं।

इन सबकी रिसीविंग भी सदस्यों ने एसोसिएशन को मुहैया करा दी है। इस रिसीविंग को लेकर बृहस्पतिवार को प्राधिकरण जाएंगे। वहां इसे जमा करा दिया जाएगा। उनका कहना है कि कोर्ट ने अपने आदेश में बैंकों से अपना मकान न खाली करने वालों की लीज रद करने की भी बात कही है। ऐसे में रेजीडेंस ऑनर्स रिस्क लेने के बजाय बैंक खाली करने का ही कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि

जिन 30 बैंकों को नोटिस दिया गया है, उनमें से ज्यादातर अलग-अलग बैंकों की शाखाएं हैं, यानी इसकी सूचना सभी बैंकों तक पहुंच चुकी है। कोई बैंक यह नहीं कह सकेगा, कि उसे कोर्ट के आदेश की सूचना नहीं मिली। हालांकि घर से दूर रहने वाले कुछ रेजीडेंस ऑनर्स बुधवार को नोएडा नहीं पहुंच सके। वे आज आ जाएंगे और उनके परिसर में चल रहे बैंकों को बैंकिंग गतिविधि बंद करने के लिए कहेंगे। उन्होंने यह कहते हुए रेजीडेंस का बचाव किया कि बैंकों को नोटिस भेजने और प्राधिकरण को रिसीविंग कराने के बाद कोर्ट के पालन की जिम्मेदारी बैंकों की होगी।

सेक्टर-55 स्थित आंध्र बैंक की शाखा का काम सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हो गया। यहां पूरा दिन सामान्य रूप से काम हुआ। बैंक प्रबंधन का कहना है कि कोर्ट के निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। हालांकि बैंक संचालन के मुद्दे पर मुख्यालय से ही निर्णय लिया जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ सेक्टर-12 स्थिति एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सिटीजन को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड, सेक्टर-19 स्थित एसबीआई, पंजाब एंड सिंध बैंक, आईएनजी वैश्य बैंक, इंडियन मर्केंटाइल बैंक और एचडीएफसी बैंक में भी समय पर शाखाएं खुली और कामकाज किया। सबसे ज्यादा एसबीआई शाखा में उपभोक्ताओं ने प्रबंधन से सवाल पूछे।

बैंक प्रबंधन का कहना है कि आमतौर पर कोई भी निर्णय आने के बाद यह स्थिति उत्पन्न होती है। बैंक को बंद करना और उसे शिफ्ट करने का निर्णय मुख्यालय से लिया जाएगा। यह सिर्फ शाखा है, जब तक मुख्यालय से कोई आदेश नहीं आता कुछ भी बोलने या करने का सवाल ही नहीं उठता। यूनियन बैंक की शाखाओं में लॉकर को लेकर काफी सवाल उठाए गए। कुछ उपभोक्ताओं ने प्रबंधन से पूछा कि अगर शाखा बंद होती है तो उनके लॉकर का क्या होगा। हालांकि बैंक प्रबंधन अपने स्तर से उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने में जुटा रहा।

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