कैश फॉर वोट मामले में अमर के खिलाफ आदेश सुरक्षित

अली ने सिंह पर अपने सचिव तरूण गोयल और रमेश के माध्यम से दक्षिण दिल्ली के खान मार्केट से उन्हें अगवा कराने का आरोप लगाया। अदालत में दायर शिकायत में अली ने कहा कि सिंह ने उनका 25 सितंबर 2008 को अपहरण कराया। लोकसभा में 22 जुलाई 2008 को एक विश्वास प्रस्ताव के दौरान मतदान के लिए कुछ सासंदों को कथित तौर पर घूस दिए जाने के मामले की जांच कर रही संसदीय समिति के समक्ष उन्हें इसी दिन पेश होना था।
अली के वकील एलके वर्मा ने अदालत को बताया कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अदालत में सौंपी अपनी स्थिति रिपोर्ट में उनके मुवक्किल पर विश्वास करने से इंकार कर दिया जबकि नोट के बदले वोट मामले में सिर्फ उसकी गवाही पर भरोसा किया।












Click it and Unblock the Notifications