लाखों रुपए डकार गये मायावती के सहयोगी रतनलाल अहिरवार

लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा की जांच में दोषी पाये गये बसपा के मंत्री को मंत्रीमंडल से बाहर कर करने के बाद मुख्यमंत्री मायावती ने लोकायुक्त की सिफारिश पर अम्बेडकर ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रतन लाल अहिरवार को बर्खास्त कर दिया। झांसी की बबीना विधानसभा सीट से बसपा विधायक एवं राज्यमंत्री अहरिवार से मायावती ने इस्तीफा ले लिया, जिसे राज्यपाल ने भी मंजूरी दे दी।
असल में 28 नवम्बर को लोकायुक्त ने मंत्री को बर्खास्त किये जाने की सिफारिश की थी। मंत्री पर वित्तीय अनियमितताओं एवं विधायक निधि के दुरुपयोग तथा सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोप थे। लोकायुक्त ने जांच के बाद अहिरवार को जमीन पर कब्जे तथा पद के दुरूपयोग का दोषी पाया था तथा पिछले 28 नवम्बर को मुख्यमंत्री मायावती से हटाने की सिफारिश की थी।
लोकायुक्त ने सिफारिश में अहिरवार से 26 लाख 76 हजार रूपये वसूलने को भी कहा गया। वित्तीय वर्ष 2007-08 में अहिरवार ने यह राशि विधायक निधि से निकाल कर अपने ही स्कूल को दे दी थी। विधायक ने 2004 में बुंदेलखंड विकास निधि से 9 लाख 55 हजार रूपये जारी कराये थे, जिसका कोई अता-पता नहीं है। इस काम में मंत्री जी अकेले नहीं हैं उनके साथ आयुक्त परियोजना प्रबन्धक और सहायक अभियंता भी शामिल थे। हालांकि उनके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गयी है।
अब तक मायावती के चार मंत्री भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। वो हैं- धर्मार्थ कार्य राज्य मंत्री राजेश त्रिपाठी, दुग्ध विकास और पशुपालन मंत्री अवधपाल सिंह यादव, श्रम मंत्री बादशाह सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र। यही नहीं अभी 17 और मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त के दफ्तर में भ्रष्टाचार और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है।












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