यूपी: निर्वाचन आयोग ने दिया विधानसभा चुनाव का सिग्नल

मंत्रिमंडलीय सचिव शशांक शेखर सिंह, गृह विभाग के प्रमुख सचिव कुंवर फतेह बहादुर सिंह और पुलिस महानिदेशक बृजलाल का नाम लिये बगैर उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने राज्य के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही कुछ अधिकारियों पर पार्टी विशेष के लिए काम करने का आरोप लगाया है और उन्हें हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम आचार संहिता लागू होने के बाद शुरू होती है।
राजनीतिक दलों की शिकायतों और सुझावों पर आयोग जरूर गौर करेगा। निष्पक्ष नहीं रहने वाले अधिकारियों पर आयोग की नजर है। उन्होंने कहा कि डमी प्रत्याशियों पर आयोग की कड़ी नजर है। डमी प्रत्याशियों को सख्ती से रोका जाएगा। इन प्रत्याशियों के वाहनों में दूसरे प्रत्याशी के पर्चे, पोस्टर आदि पाये जाने पर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए कटिबद्ध है इसीलिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे मीडिया रिपोर्ट के आधार पर भी जांच कराकर कार्रवाई कर सकते हैं।
श्री कुरैशी ने प्रदेश में कम मतदान पर भी चिन्ता जतायी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में मतदान औसतन कम रहता है, यह शर्मनाक है। ग्रामीण इलाकों में औसतन 36 प्रतिशत मत पड़ते हैं जबकि शहरी इलाकों में यह मात्र 26 प्रतिशत तक ही पहुंच पाता है। मतदाता सूची पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि नये मतदाताओं की संख्या बढ़ी है और अब राज्य में करीब 12 करोड़ 48 लाख मतदाता हो गए हैं।
उनका कहना था कि एक करोड़ 64 लाख फार्म नये मतदाता बनने के लिए भरे गए हैं। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में शत प्रतिशत फोटो पहचान पत्र बन गए हैं। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि इस बार चुनाव में बैनर और झण्डे मकान मालिक की अनुमति के बाद भी ही लग सकेंगे, जोर जबर्दस्ती से न तो बैनर लगाये जा सकेंगे और न ही पोस्टर।












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