माया के करीबी बाबू सिंह कुशवाहा बसपा से निष्कासित

मौर्य ने कहा कि पार्टी को जितना बढ़ावा देना था कुशवाहा को दिया पहले उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया और फिर परिवार कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभाग सहित कई बड़े महकमों का मंत्री बनाया, लेकिन यह दुख की बात है कि उन्होंने ठीक ढ़ग से अपना काम नहीं कर पाये। कुशवाहा के परिवार कल्याण मंत्री पद पर रहते विभाग के दो मुख्य चिकित्सा अधिकारियों डाक्टर विनोद कुमार आर्य और डाक्टर बीपी सिंह की हत्या हुई थी।
कुशवाहा द्वारा मुख्यमंत्री मायावती को लिखे पत्र में नसीमुद्दीन, कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह और गृह विभाग के प्रमुख सचिव कुंवर फतेह बहादुर सिंह से जान का खतरा होने की बात का जिक्र करते हुए मौर्य ने कहा कि खुद पर जांच का शिकंजा कसते देख वह ऐसे अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। उन्होनें कहा कि कुशवाहा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) मामले में सीबीआई से बचने के लिए कांग्रेस के संपर्क में भी हैं।












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