गिरफ्त में आये 19 साल से फरार इनामी दम्पत्ति

बताया जा रहा है कि बलराम खेडा और उनकी पत्नी कमलेश खेडा के खिलाफ् हजरतगंज कोतवाली में 1992 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए ये लोग अपना मूल आवास छोड़कर काफी समय से फरार थे। तमाम कोशिशों के बाद भी जब यह पुलिस के हत्थे नहीं आये तो पुलिस महानिरीक्षक अपराध अनुसंधान संगठन द्वारा इनकी गिरफ्तारी के लिए दस हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया, फिर भी यह फरार ही रहे। पुलिस के चंगुल से हर बार बच निकलने वाले इस दम्पत्ति की गिरफ्तारी के लिए आॢथक अपराध शाखा ने एसटीएफ से मदद का अनुरोध किया था।
शुक्रवार को एसटीएफ् को खबर मिली ये लोग दिल्ली हवाई अड्डे के निकट महिपालपुर के पास नागंल देवत गांव में रह रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार ङ्क्षसह के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने सूचना के आधार पर अभियुक्त दम्पति को नांगल देवत गांव से गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, दस मोबाइल फोन, पैनकार्ड व शेयर के कागजात आदि बरामद हुए। पुलिस अधिकारी इस दम्पत्ति से पूछताछ में जुटे हैं, जिससे धोखाधड़ी का और खुलासा हो सके।












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