बसपा की महारैली पर पूरा लखनऊ हुआ 'मायामय'

मायावती इस रैली के जरिए जहां विपक्ष के आरोपों का करारा जवाब देंगी वहीं उन्हें अपनी राजनीतिक ताकत भी दिखायेंगी। पिछले दिनों जिस तरह सपा व कांग्रेस लगातार मायावती सरकार पर हमला बोल रही है, उससे यह तो तय है कि यह दोनों दल रैली में मायावती निशाने पर रहेंगे। चुनावी प्रचार पर निकले कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी जिस तरह मायावती पर कटाक्ष कर रहे हैं, प्रदेश की बदहाली के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया रहे हैं। राहुल के इन आरोपों का जवाब भी मायावती जनता के बीच ही देंगी।
अभी तक बसपा प्रवक्ता ही राहुल की बयानबाजी का उत्तर दे रहे थे लेकिन महारैली में माया की हुंकार विरोधियों को निरुत्तर करेगी। वैसे बसपा प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य राहुल को उनकी राजनीतिक हैसियत बता चुके है, लेकिन राहुल ने मायावती पर भ्रष्टाचार, केन्द्रीय योजनाओं की धनराशि को दुरुपयोग व लुट-खटोस के जो आरोप लगाये हैं, उसका अभी तक बसपा की ओर से टुकड़ों में ही जवाब दिया गया है। सपा ने भी इस सरकार को भ्रष्टiाचारी व अत्याचारी कई नामों से नवाजा है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस रैली के साथ मायावती प्रदेश में चुनावी बिगुल तो फूकेंगी ही साथ ही विपक्ष के हर एक आरोपों का मुंह तोड़ जवाब भी देंगी। बसपा सूत्रों की मानें तो विपक्ष को जवाब देने की तैयारी काफी दिनों से की जा रही है।
अपनी विशेष शैली में विपक्ष को निशाने पर लेने के साथ मायावती रैली में भारी भीड़ जुटा कर अपनी ताकत भी दिखाने के मूड में हैं। बसपा के मंत्री, सांसद व विधायकों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को भी रैली में भीड़ लाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। पार्टी ने नेताओं को हर विधानसभा क्षेत्र से कम से कम हजार लोगों को लाने का निर्देश दिया है। इन लोगों को लाने के लिए बस, ट्रक व गाडियों की व्यवस्था की गयी है। वहीं रैली के लिए सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अभी से हिदायत दे दी गयी है कि वो रैली स्थल पर सुरक्षा के साथ-साथ लोगों के बैठने व ठहरने की भी समुचित व्यवस्था करें।












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