गांवों के विकास को आगे आएं उद्योगपति: अन्ना हजारे

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अपने गांव रालेगण सिद्धि में पिछले कई दशक के दौरान चलाए अपने अभियान के मॉडल का भी उन्होंने विस्तार से ब्योरा दिया है। उन्होंने कहा है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए लोकपाल और लोकायुक्त का कानून बनाने की लड़ाई चल ही रही है। इसके अलावा चुनाव सुधार और सत्ता के विकेंद्रीकरण के प्रयास भी वे करेंगे, लेकिन इन सबके बीच गांवों के विकास का उनका अभियान जारी रहेगा। गांवों में रोजगार, शिक्षा और इलाज जैसी सुविधाओं से लेकर नशे की लत और छूआछूत जैसी समस्याओं को दूर करने के अपने अनुभवों को बताते हुए उन्होंने लिखा है कि किसी उद्योगपति की मदद लिए बिना ही रालेगण सिद्धि गांव स्वावलंबी हो गया है।
अन्ना के मुताबिक वे यह अभियान इसलिए चलाना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने इसका जमीन पर प्रयोग किया है। अन्ना ने कहा है कि जो लोग गांवों में ऐसे विकास के कार्यक्रम में जुड़ना चाहेंगे, उन्हें पहले रालेगण में तीन महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर दो प्रशिक्षित व्यक्तियों को एक गांव में रह कर काम करने को कहा जाएगा। इस तरह कम से कम सौ गांवों को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चलेगा।












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