यूपी के टुकड़े करने पर आमादा सरकार से भिड़ेगा विपक्ष

इसे चुनावी स्टंट करार दे रहे विपक्षी दल उत्तर प्रदेश के इन चारों क्षेत्रों के लोगों की महत्वाकांक्षाएं पूरी करने का श्रेय सरकार को नहीं लेना देना चाहते। यह बात दीगर है कि सत्तापक्ष के पास इस प्रस्ताव को पारित कराने लायक संख्याबल है। मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी खराब कानून-व्यवस्था एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा कर चुकी हैं।
राज्य विधानसभा में सपा तथा विपक्ष के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि उनकी पार्टी आगामी सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते उनकी पार्टी आगामी सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएगी और सरकार के कुशासन तथा भ्रष्टाचार को सामने लाएगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने भी कहा है कि उनकी पार्टी मायावती सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।
आगामी सत्रा में सरकार अप्रैल से जुलाई 2012 के लेखानुदान मांग प्रस्तुत करेगी, क्योंकि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 की पहली तिमाही में होने की सम्भावना है। कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी ने जोर देकर कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिये 14 दिन पहले नोटिस दिया जाना चाहिये लेकिन इस सत्र के इतना लम्बा खिंचने की सम्भावना नहीं दिखती। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि विधानसभा की कार्यमंत्राणा समिति की बैठक में आगामी 20 नवम्बर को सर्वदलीय बैठक कराने का कार्यक्रम तय किया गया है। इस सत्र के बमुश्किल दो-तीन दिन चलने की सम्भावना है।












Click it and Unblock the Notifications