ठगों का गिरोह पकड़ा, लोन समेत कई स्तरों पर चल रहा था धंधा

दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा के अनुसार सैदुल्लाजॉब निवासी कमल यादव ने महरौली थाने में शिकायत दी थी कि उसके पास आईसीआईसीआई बैंक का क्रेडिट कार्ड है। किसी युवक ने उसे फोन कर खुद को बैंक का एग्जीक्यूटिव बताते हुए कहा कि बैंक की तरफ से उसे पुराने की जगह नया क्रेडिट कार्ड दिया जा रहा है। अगले दिन मिलकर युवक ने उसके तीन क्रेडिट कार्ड बदलने के लिए रेजीडेंस व आईडी प्रूफ ले लिया।
कुछ दिनों बाद बैंक से उसके पास फोन आया कि मेल आईडी व फोन नंबर बैंक रिकार्ड में बदला गया है और उसके क्रेडिट कार्डों से 23345 और 1124 रुपये की खरीदारी हुई है। मामला दर्ज कर पुलिस टीम ने राजीव अरोड़ा को पश्चिमी विहार स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद रोहिणी निवासी सुमित अरोड़ा, सफदरजंग एंकलेव निवासी अमन कुमार, बिहार निवासी अशीष उपाध्याय, लाजपत नगर निवासी अंकित टंडन और पालम निवासी योगेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। सुमित और अमन बैंक के कर्मचारी रह चुके हैं। ये आसानी से मिलने वाली पटना ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की खाली ड्राइविंग लाइसेंस की पर्ची ले लेते थे।
इस पर ये लाइसेंस बना लेते थे। इससे दिल्ली में किराएदार के कागजात बनवा लेते थे। कागजातों को ये लोग एमटीएनएल कनेक्शन व पेन कार्ड बनवाने के लिए प्रयोग करते थे। फिर इन कागजों से फर्जी बैंक खाता खुलवाते थे। इन्होंने फर्जी तरीके आईडी पर टेलीफोन नंबर ले रखे थे। ये ग्राहकों को फोन कर मुफ्त में नया क्रेडिट कार्ड जारी करने और कम ब्याज पर लोन दिलवाने की बात करते थे। क्रेडिट कार्ड से ये एयर टिकट खरीद लेते थे। इन टिकट को ये किसी एजेंट को देते थे और उससे पैसे ले लेते थे। इसके अलावा सुमित ने गूगल पर मेल एस्कोर्ट एजेंसी नाम से ब्लॉग खोल रखा था। वह लोगों से सदस्यता फीस जमा कराकर और फिर गायब हो जाते थे। पुलिस ने इनके विभिन्न बैंकों में खुले 35 खातों का पता लगा लिया है।












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