हरियाणा के फतेहाबाद में बच्ची संग अनशन पर बैठी विधवा

आप भी सोच रहें होंगे कि इन मां बेटी ने ऐसा क्या कसूर कर दिया जिससे उनके अपनों ने उनसे मुंह मोड़ लिया। उसे अपना मकान चाहिए जिसे उसके पति की मौत के बाद उसके ससुराल वालों ने ताला जड़ दिया और उसे व उसकी बेटी को बेघर कर दिया। ग्राम पंचायत चमार खेड़ा की सरपंच सुरेश देवी के पति जगबीर लगातार प्रयास कर रहे हैं कि सुमन अनशन तौड़ दे लेकिन वह अड़ी हुई है कि उसे उसका हक मिले और ससुरालवाले उसकी मांगे माने। विधवा ने मामले को लेकर पुलिस को जेठ, जेठानी व सास के खिलाफ अपहरण करने, धमकाने व जान से मारने का मामला दर्ज कर रखा है। थाना प्रभारी मौके पर जाकर सुमन को कार्रवाई का आश्वसान दे चुके हैं।
गांव चमार खेड़ा निवासी हनुमान धायल के बेटे जगबीर की शादी 10 जुलाई 1999 में राजस्थान के गांव सहेरड़ा के रहने वाले हरि की बेटी सुमन के साथ हुई थी। जगबीर सिरसा के कॉपरेटिव बैंक मे क्लर्क था। लेकिन 13 फरवरी 2004 को डयूटी के दौरान जगबीर सिंह की मौत हार्ट अटैक से हो गई। उस समय सुमन गर्भवती थी। 15 मार्च को उसने एक बच्ची को जन्म दिया।
लड़की पैदा होने पर सास संतरों, जेठ राजबीर व उसकी बीवी ने उसके साथ सौतेला व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसके बाद दुव्र्यवहार करने व मारपीट करने का सिलसिला चलता रहा। पति की मौत के बाद वह अपने मायके चली गई। जब वह वापिस महाबीर कॉलोनी में अपने पति के घर आई तो ससुराल वालों ने घर पर ताला लगाकर घर के दरवाजे उसके लिए हमेशा के लिए बंद कर दिए। तब से सुमन अपनी बच्ची को लेकर गांव के एक खेत में झोपड़ी बना रह रही है और आस में है कि उसे न्याय मिलेगा।












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