फरवरी में जाट करेंगे करो या मरो का आंदोलन

जाट पिछले चार सालों से संघर्ष कर रहे हैं कि सभी धर्मों के जाटों को सभी प्रदेशों में और केन्द्र में ओबीसी की श्रेणी में शामिल किया जाए। जाटों व हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के बीच 25 मार्च 2010 को तथा केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम व मुकुल वासनिक के साथ एक समझौता हुआ था कि जाटों के हरियाणा प्रदेश में भी और केन्द्र में भी ओबीसी की श्रेणी में शामिल कर लिया जाएगा, परन्तु केन्द्र के इस फैसले से हरियाणा प्रदेश का जाट खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा व केन्द्र सरकार ने जाटों के साथ वादाखिलाफी की है। जाट अब चुप नहीं बैठेंगे। आरक्षण की मांग लेकर अगले आंदोलन का फैसला 24 नवंबर को दीन बंधु छोटूराम के जन्मदिवस पर हरियाणा प्रदेश कार्यकारिणी लेगी। सांगवान ने कहा कि 19 फरवरी 2012 से करो या मरो का आंदोलन होगा।












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