कांग्रेस की तीसरी सूची से विद्रोह

Conflict in Congress after third list of candidates
लखनऊ। प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की जारी तीसरी सूची ने पार्टी में विरोध बढ़ा दिया। दूसरे दलों से आये नेताओं को टिकट देने से पुराने कांग्रेसी आक्रोशित हो गये हैं। आलाकमान के इस फैसले से नाराज प्रदेश कांग्रेस महासचिव व पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सुबोध श्रीवास्तव ने अपने पदों से त्याग पत्र दे दिया है। सुबोध अकेले ही ऐसी पदाधिकारी नहीं हैं जिन्होंने खुलेआम विरोध जताया, कई और भी हैं जो दिल्ली पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखने जा रहे हैं।

बुधवार को 78 प्रत्याशियों की जारी सूची से नाराज नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व पर खुलकर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दूसरे दलों से निकाले गये दागी लोगों को टिकट देने में तरजीह दी जा रही है जबकि हमेशा पार्टी के लिये काम करने वालों के दावों को खारिज किया जा रहा है। लखनऊ मध्य विधानसभा सीट से दावेदार रहे तथा प्रदेश पार्टी महासचिव और प्रवक्ता के पद से त्यागपत्र देने वाले श्री श्रीवास्तव ने कहा कि दूसरे दलों से आये लोगों को टिकट देना नुकसानदेह है, इससे वफादार कार्यकर्ताओं में हताशा बढ़ रही है।

नेताओं का सबसे ज्यादा विरोध बसपा से आपाराधिक गतिविधियों में शामिल होने के कारण निकाले गये फाकिर सिद्दिकी को प्रत्याशी बनाये जाने पर है। फाकिर एक सप्ताह पहले ही कांग्रेस में शामिल हुये हैं। इन पर दल-बदल का भी आरोप है। 2007 में इन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ मध्य सीट से लड़ा था। हारने के बाद वह बसपा में भाग गये।

आपराधिक गतिविधियों के कारण मायावती ने भी भगा दिया। एक सप्ताह पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। प्रदेश पार्टी नेताओं का कहना है कि जीतने वाले उम्मीदवार के नाम पर सपा, बसपा और भाजपा से आये लोगों को टिकट दिया जा रहा है। नाराजगी की वजह बुदेलखंड इलाके में पार्टी के दो वर्तमान विधायकों के अलावा सभी टिकट दूसरे दलों से आये लोगों को देना भी है। गोरखपुर और कुशीनगर की सीटों पर भी सिर्फ दो पार्टी कार्यकर्ताओं को टिकट दिया गया है।

चेहतों के रिश्तेदारों को प्रत्याशी बनाने पर भी नारजगी

पार्टी के कुछ चहेते नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने से भी नाराजगी है। टिकट वितरण से नाराज नेताओं ने कहा कि हाईकमान ने सांसद जगदंबिका पाल के बेटे अखिलेश पाल को बस्ती सदर से, प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के भाई शेखर बहुगुणा को इलाहाबाद के फाफामऊ से, पूर्व गृह मंत्री रामलाल राही की पुत्रबधु मंजरी राही को हरगांव से तथा पूर्व नेता कमला पति त्रिपाठी के पौत्र ललितेश पति त्रिपाठी को मंझान सीट से प्रत्याशी बना दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष व छानबीन समिति पर भी सवाल

कांग्रेस के नाराज नेता टिकट वितरण के लिये बनी छानबीन समिति च प्रदेश अध्यक्ष पर ही सवाल उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि इस समिति में बाहर से आये लोगों को ही रखा गया है, ऐसे लोग कांग्रेस के वफादार कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं कर सकते। उनका कहना है कि छानबीन समिति के अध्यक्ष मोहन प्रकाश जनता दल से आये हैं।

छानबीन समिति के सदस्य भक्त चरण दास जनतादल तथा मधुसूदन भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस में शामिल हुये हैं। प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी सपा के टिकट पर इलाहाबाद की महापौर बनी थी तथा लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था। ऐसे लोगों से पार्टी के अनुशासित और वफादार कार्यकर्ताओं के प्रति न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। कांग्रेस हाईकमान छानबीन समिति की भेजी सिफारिश के बाद ही चुनाव समिति ने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है।

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