कांग्रेस से बातचीत जारी, मायावती का फैसला राजनीतिक: अजित

सिंह ने कहा कि कांग्रेस से गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि गठबंधन हो ही गया है। सीटों का बंटवारा, चुनावी रणनीति और चुनावी घोषणा-पत्र जैसी कई चीजें हैं, जिन पर बातचीत जरूरी है। रालोद प्रमुख ने इस संबंध में अधिक खुलासा करने से इनकार करते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं कि गठबंधन के लिये हर पार्टी के हर एक मुद्दे को मान ही लिया जाये।
इन दिनों गठबंधन न्यूनतम साझाव कार्यक्रम पर चलते हैं। क्या कांग्रेस और रालोद, दोनों ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन चाहते हैं इस पर सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि दोनों पक्ष ऐसा चाहते जरूर हैं लेकिन इस संबंध में अब तक जो भी बयान दिये गये हैं कि वे कांग्रेस की तरफ से दिये गये हैं। मैं अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
मैं फिलहाल न तो कांग्रेस अध्यक्ष (सोनिया गांधी) से मिला हूं और न ही प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) से। क्या कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से उनकी दो महीने पहले कोई मुलाकात हुई थी, इस पर उन्होंने कहा कि बैठक हुई थी। लेकिन यह सामान्य प्रकृति की मुलाकात थी। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी (दिग्विजय सिंह) से भी मैं संपर्क में हूं। रालोद प्रमुख ने इस बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया कि किसी दल से गठबंधन होने या नहीं होने की स्थिति में उनकी पार्टी कितनी सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी।









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