विकास के लिए रचनात्मकत सोच की जरूरत: मनमोहन सिंह

इस कोष का इस्तेमाल ऐसे विचारों को प्रोत्साहन देने के लिए किया जाएगा, जो गरीबों के विकास के लिए हों। मंगलवार को यहां भारतीय नवप्रवर्तन परिषद की एक रिपोर्ट जारी करते हुए सिंह ने कहा कि हमने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा और वाहन जैसे क्षेत्रों में बहुत कुछ नया किया है। हमारे देश में नवप्रवर्तन ज्यादातर अमीरों की जरूरतों पर केंद्रित रहा और गरीबों की समस्याओं को दूर करने में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। हम चाहते हैं कि इस दिशा में कुछ हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि नवप्रवर्तन (इनोवेशन) एक बड़ा बदलाव लाने में रामबाण साबित हो सकता है।
इसलिए नूतन व्यवहार को फलने-फूलने का वातावरण उपलब्ध कराने का हमें संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, ग्रामीण संचार, कृषि, पशुपालन, हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए नवप्रवर्तन के माडलों की जरूरत है। भारत के विकास में नवप्रवर्तन की एक महत्वपूर्ण भूमिका मानते हुए प्रधानमंत्री ने कहा,एक राष्ट्र के तौर पर हमारे समक्ष जो चुनौतियां हैं, वे न केवल विविधताओं से भरी है, बल्कि अनूठी हैं।












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