चाइना की सैन्य तैयारियों का मुंहतोड़ जवाब देगा भारत

भारत की तैयारियों का जिक्र करते हुए एंटनी ने कहा कि हम पूर्वी सेक्टर में अपना आधारभूत ढांचा और सैन्य क्षमताएं बेहतर करते रहे हैं। ऐसा किसी संघर्ष के लिए नहीं बल्कि सीमाओं की सुरक्षा और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी प्रतिरोध खड़ा करने के लिए किया जा रहा है। भारत ने पूर्वोत्तर में चीनी सीमा के करीब स्थित वायु ठिकाने पर अपना अग्रणी लड़ाकू विमान सुखोई 30 और एमकेआइ तैनात करने के साथ ही वहां दो पर्वतीय डिवीजन बनाई गई हैं। क्षेत्र में बेहद हल्की होवित्जर तोपें और टैंक भी लगाने की योजना है। चीन के साथ मौजूदा रक्षा संबंधों के बारे में पूछने पर एंटनी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच रक्षा सचिव स्तर की वार्ता अगले साल होगी। पांचवें दक्षिण एशिया सम्मेलन से इतर पत्रकारों से एंटनी ने कहा कि चीन के साथ रक्षा आदान-प्रदान फिर बहाल हो रहा है। उन्हें उम्मीद है कि रक्षा सचिव स्तर पर रक्षा वार्ता अगले साल फिर शुरू होगी।
भारत और चीन के बीच वार्षिक रक्षा वार्ता अगले साल जनवरी में होगी। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा संयुक्त सैन्य अभ्यास को फिर से बहाल करने और लंबित सीमा मुद्दों पर विचार विमर्श की संभावना है। पिछले साल सेना की उत्तरी कमान के कमांडर को वीजा नहीं देने के बाद दोनों देशों के रक्षा संबंधों में खटास आ गई थी जिसके बाद भारत ने इस साल जून में एक मेजर जनरल के नेतृत्व में सैन्य प्रतिनिधिमंडल भेजकर चीन के साथ सैन्य आदान-प्रदान की बहाली की थी। इस माह के शुरू में चीन ने भी अपने एक लेफ्टिनेंट जनरल की अगुआई में अपने प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली, कोलकाता और मुंबई में रक्षा प्रतिष्ठान देखने के लिए भेजा था।












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