चीन से टक्कर लेने वाली अग्नि-5 मिसाइल का परीक्षण फरवरी में

अग्नि 4 के सफल परीक्षण से उत्साहित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) भारत की प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करने के प्रयासों के तहत अगले तीन माह बाद परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम इस मिसाइल के 5000 किलोमीटर दूरी वाले संस्करण का परीक्षण करेगा। डीआरडीओ के प्रमुख वी के सारस्वत ने बुधवार को बताया कि अग्नि 5 का फिलहाल एकीकरण किया जा रहा है और हम अगले साल फरवरी के अंत तक इसका परीक्षण कर सकते हैं।
यह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है तथा अग्नि 4 का सफल परीक्षण इस मिसाइल के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार साबित होगा। सारस्वत ने यहां संवाददाता सम्मेलन में भारत के मिसाइल कार्यक्रम और शत्रुओ के खिलाफ प्रभावी प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने के प्रयासों के बारे में बताया। डीआरडीओ ने कल ही ओडिशा तट पर व्हीलर द्वीप के परीक्षण केन्द्र से परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम अग्नि 4 मिसाइल का सफल परीक्षण किया था।
उन्होंने कहा कि अग्नि 4 डीआरडीओ के उस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल है जो देश को मिसाइल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से चलाया जा रहा है। अब हम मिसाइल प्रौद्योगिकी के उच्च स्तर में प्रवेश कर गये हैं और हमारे पास अग्नि 1 और अग्नि 2 जैसी पुरानी मिसाइलों की तुलना में ज्यादा क्षमता वाले संस्करण हैं।
भारत की इस सैन्य तैयारी से चीन को अभी से घबराहट होने लगी है। चीन ने विश्व पटल पर एक वक्तव्य भी दिया है कि भारत अपनी शक्ति बढ़ा रहा है, जिससे उसे खतरा महसूस हो रहा है। हालांकि दोनों देशों के बीच मैत्रिक संबंधों से फिलहाल ऐसी कोई आशंका नहीं दिखाई दे रही है कि कोई भी दूसरे पर वार करे।












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