अन्ना की नई कोर-कमेटी में मु्स्लिम और दलित भी

लेकिन इस ऐलान में यह बात साफ दिखी कि अन्ना भी अब जाति समीकरण में फंसते नजर आ रहे हैं। स्वस्थ जनलोकपाल बिल लाने के लिए आंदोलन चलाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे भी जातियों के चक्कर में पड़ते नजर आ रहे हैं। अन्ना टीम के सदस्यों पर बारी-बारी लगे रहे भ्रष्टाचार के आरोपों से आजिज आकर अन्ना ने फैसला किया है कि वह अपने आंदोलन को धार देने के लिए नई टीम बनाएंगे।
अन्ना की इस टीम में अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, दलितों और युवाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। इस बार अन्ना उन लोगों को भी खुश करने में लगे हैं जिन्होंने अन्ना पर आरोप लगाया था कि अन्ना की टीम में मुस्लिमों और दलितों को शामिल नहीं किया गया है। कहने वालों में यूपी की सीएम मायावती भी शामिल थीं। अन्ना ने साफ किया की जो भी व्यक्ति इस कमेटी का सदस्य बनेगा उसका पूरा बैकग्राउंड भी चेक किया जायेगा।
अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि अगर सरकार शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल बिल पारित नहीं करते है तो वे देश भर में आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे किसी पार्टी के विरोध या पक्ष में नहीं हैं। वे उस हालत में ही सरकार का विरोध करेंगे अगर सरकार अगले सत्र में जनलोकपाल बिल पेश नहीं करती है।












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