मुंबई के बाद अब भोपाल में 'आदर्श घोटाला'
भोपाल।
मुंबई आदर्श सोसायटी घोटाले के ही तरह मध्य प्रदेश में भी एक आवासीय घोटाले का मामला सामने आ रहा है। इसमें प्रदेश सरकार के सभी दल के नेता इस फ्लैट लूट में शामिल है। प्रदेश सरकार का रवैया भले ही लेट-लतीफी वाला रहा हो लेकिन हाईकोर्ट इसको गंभीरता से लेकर काउंसिल बोर्ड से इसके बारे में जवाब मांगा है। इस फ्लैट के आवंटन पर मुख्य रूप से गरीबों को आरक्षण्ा की योजना बनाई गई है। id="toptextpromo">इस
सोसायटी का आवंटन आरक्षण नियमों के अनुसार किये जाने की योजना थी। यह निर्माण उनके लिए था जिनके पास रहने के लिए आवास नहीं है। लेकिन मुंबई के आदर्श सोसायटी घोटाले की ही तरह इसका आवंटन भी गलत तरीके से किया गया। इसमें भी आम जन को ताक पर रखकर नेताओं को सराखो पर बैठाया गया। इस वहती गंगा में किसी एक पार्टी के नेताओ ने हाथ नहीं धोयें हर पार्टी के नेता इसमे शामिल है। आरक्षण के नियमन के अनुसार फ्लैट में 20 प्रतिशत का आरक्षण उनको दिया जाएगा जिनके पास कहीं भी अपना मकान ना हो। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>इसमें
कई नेताओं के नाम भी सामने आ रहे है जिसमें सुमित महाजन, एनपी प्रजापति, सुनील जैसवाल, अरविन्द और देवराज सिंह और अब हाईकोर्ट ने काउंसील बोर्ड से जवाब मांगा है। अब देखते है कि आगे की कार्यवाही में कितने लोग दोषी करार दिये जाते है। लेकिन मुख्य बिंदू तो ये है कि ऐसे घोटाले कब तक हमारे देश में होते रहेंगे। बेसहारों को कब सरकार का सहारा मिलेगा।











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