बसपा नेताओं के भ्रष्टाचार के कारण पिछड़ा बुदेलखंड: भाजपा

कलराज मिश्र ने मायावती के करीबी परिवार कल्याण मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा का नाम लेते हुए कहा कि श्री कुशवाहा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के बांदा जिले के मूल निवासी हैं लेकिन उन्होंने यहां के लिए कभी कुछ नहीं किया। एनआरएचएम घोटाले और दो-दो मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की मौत की वजह से उन्हें हटना पड़ा। मिश्रा ने कहा कि श्रम मंत्री बादशाह सिंह को भी भ्रष्टाचार के कारण अपना पद गंवाना पड़ा। इन मंत्रियों ने क्षेत्र के विकास के बजाए अपने विकास पर ज्यादा ध्यान रखा।
उन्होंने कहा कि मायावती मंत्रिमंडल के सबसे कद्दावर मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी बांदा जिले के रहने वाले हैं और उनके परिजनों पर आय से अधिक सम्पत्ति के आरोप हैं। राज्य के सबसे पिछड़े इलाके में शुमार बुन्देलखण्ड के बजाए वह अपने और अपने परिजनों के विकास पर पूरा ध्यान केन्द्रित किये हुये हैं। बुन्देलखण्ड के ही मूल निवासी ग्राम्य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद पर एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है। इसी क्षेत्र के रहने वाले अम्बेडकर ग्राम्य विकास मंत्री रतन लाल अहरिवार भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हैं। लोकायुक्त इनकी जांच कर रहे हैं। बांदा जिले के विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी जेल में हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि जब इतने जिम्मेदार लोग अपनी ही समस्याओं में ही उलझे रहेंगे तो वे क्षेत्र का विकास कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि पेयजल के लिए नौ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये केन और बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते मे डाल दिया गया। बुन्देलखण्ड के आंकडे बताते हैं कि सात हजार 266 करोड़ के अतिरिक्त 200 करोड देने का एलान किया गया था जबकि पैकेज के तहत एक हजार 695 करोड 76 लाख रुपये ही प्रदेश को केन्द्रीय सहायता के रुप में आवंटित हुए। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड के पैकेज को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार राजनीति कर रहे हैं। इस राजनीति में गरीब किसान पिस रहा है, आत्महत्याएं कर रहा है।












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