एक करोड़ यूआईडी पता गलत होने के कारण लौटे

जो पहचान पत्र भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है, लोग उसी आधार नंबर को पाने के लिए धड़ल्ले से गलत पते दे रहे हैं। ऐसे मामलों की तादाद एक करोड़ के करीब पहुंच गई है, जिनमें आधार नंबर के लिए दिए पते सही नहीं मिले और उनके नंबर वापस आ गए। इससे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मुश्किल भी खासी बढ़ गई है। वह अब फिर से इन नंबरों को उनके हकदारों तक पहुंचाने की कवायद में जुट गया है। यूआईडीएआई को हाल के दिनों में कई ऐसी शिकायत मिली हैं जिसमें यूआईडी नंबर के लिए लोगों ने गलत पता (एड्रेस प्रूफ) लिखा है।
आधार नंबर की डिलवरी स्पीड पोस्ट के जरिए करवाने पर पता चला कि आवेदनकर्ता दर्ज कराए गए पते पर नहीं रहता या फिर काफी समय पहले ही वह जगह छोड़ चुका है। अब आवेदनकर्ता के वास्तविक पते को जानने के लिए यूआईडी ने डाक विभाग से करार किया है। छह करोड़ से ज्यादा आधार नंबरों को आवेदनकर्ताओं के घर के पते पर भेज गया। प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि इसमें से करीब एक करोड़ स्पीड पोस्ट से भेजे गए नंबर वापस आ गए हैं। दरअसल उन जगहों पर संबंधित व्यक्ति नहीं पाए गए जबकि कई मामलों में तो पता ही गलत पाया गया। वापस आ चुके नंबरों को बढ़ती तादाद को देखते हुए प्राधिकरण ने इसे वापस पंजीकृत कराए गए इलाकों के रजिस्ट्रार के पास भेजने का काम शुरू कर दिया है।
उन्हें यह निर्देश दिया गया है कि रजिस्ट्रार एक नोटिस के जरिए अपने इलाके में उल्लेखित पते से वापस आ चुके नंबरों के बारे में प्रचार करवाएं। अगर कोई व्यक्ति रजिस्ट्रार कार्यालय में अपने एड्रेस प्रूफ के साथ आता है तो उसे यह एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लिखित पते से हट चुके लोगों की सुविधा के लिए प्राधिकरण ने यह भी योजना बनाई है कि वे अपने घर के नजदीकी पोस्टल विभाग को जाकर यह जानकारी दे दें कि अब उनका नया पता क्या है। ताकि स्पीड पोस्ट के जरिए उनका आधार नंबर आने पर डाकिया नए पते पर उसे भेज देगा। हा अगर कोई व्यक्ति रजिस्ट्रार कार्यालय में अपने एड्रेस प्रूफ के साथ आता है तो उसे यह महत्वपूर्ण नंबर सौंप दिया जाएगा।
क्या है आधार?
यह 12 अंकों का खास पहचान नंबर युक्त डिजिटल कार्ड है। इसे देश के हर नागरिक को मुहैया कराया जाएगा। यह नंबर एक केंद्रीकृत डेटाबेस से जुड़ा होगा, जो ऑनलाइन रूप में हर समय, हर जगह उपलब्ध होगा। इसमें व्यक्ति का फोटो, उम्र, पता, पारिवारिक जानकारी, दसों उंगलियों के निशान और आइरिस को शामिल किया गया है। भविष्य में सारे दस्तावेजों के लिए इसका ही इस्तेमाल करने की योजना है।
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