कोर कमेटी भंग नहीं होगी, बनेगा नया संविधान : अन्ना हजारे

इस बात का प्रचार हो रहा है कि कोर कमेटी भंग की जाएगी तो इस बात पर यकीन ना कीजिये, ऐसा नहीं होगा। हजारे ने कहा कि कोर कमेटी के सभी सदस्य एकसाथ चुनौतियों का सामना करेंगे। यह लड़ाई तब तक चलेगी जबतक जनलोकपाल विधेयक पारित नहीं हो जाता। भविष्य में इस आंदोलन के लिए एक संविधान भी बनाया जाएगा और उसके बाद कोर कमेटी का पुनर्गठन होगा। संविधान के प्रावधानों के माध्यम से ही कमेटी और समिति के सदस्यों के लिए आवश्यक योग्यताओं का वर्णन होगा और गलत कार्यों में लिप्त रहने वाले सदस्यों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का ब्यौरा होगा।
अन्ना हजारे की ओर से यह बयान तब आया जब शनिवार को हुई कोर कमेटी की बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण और किरण बेदी ने रविवार को अन्ना हजारे से मुलाकात की और टीम में निश्चित बिदुओं को अन्ना के सामने रखा।
गौरतलब है कि शनिवार को ही कोर कमेटी की बैठक समाप्त होने के बाद केजरीवाल ने साफ किया था कि अन्ना कोर कमेटी की बैठक भंग नहीं होगी। लेकिन इस पर अंतिम मुहर अन्ना को ही लगानी थी। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि जनलोकपाल बिल पारित कराने का ये आंदोलन करोड़ों का आंदोलन है और कोर कमेटी के हर सदस्य ने इस आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है इसलिए कोर कमेटी को भंग करने का सवाल ही नहीं उठता है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि सरकार कोर कमेटी के सदस्यों को सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर बदनाम करने की कोशिश कर रही है,लेकिन इसका डटकर सामना करना होगा। उन्होंने बताया कि कोर कमेटी ने यह भी फैसला लिया है कि अगर कांग्रेस शीतकालीन सत्र में जनलोकपाल को पारित नहीं करवाती है तो पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी वह ऐसा ही करेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि अभियान का मकसद किसी पार्टी को समर्थन देना बिल्कुल नहीं था।












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