'सीबीआई जांच का नाम से घबराती हैं मायावती'

भारतीय जनता पार्टी ने मायावती सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य में मनरेगा के नाम पर कथित रूप से हुए हजारों करोड़ रपये के घोटाले का सच सामने आने से भयभीत मुख्यमंत्री इन आरोपों की केन्द्रीय जांच ब्यूरो जांच कराने से गुरेज कर रही हैं।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि जिस सरकार के 12 से अधिक मंत्री व विधायक भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में लिप्त पाए गये हो उस सरकार की मुखिया को भ्रष्टाचार और राजनीति में आपराधीकरण के खिलाफ बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है। तिवारी ने बहुजन समाज पार्टी सरकार को आजाद भारत के इतिहास में सबसे भ्रष्टतम सरकार बताते हुए कहा कि मंत्रिमंडल के गठन के साथ ही सरकार में शामिल मंत्रियों के बलात्कार एवं हत्या के संगीन आरोपों में शामिल होने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह अब तक अनवरत जारी है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मायावती सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, घोटाले, हत्या, बलात्कार के मामले, जमीन पर जबरन कब्जों की जो भी शिकायतें हुई उनकी जांच में सभी के सभी मामले प्रथम दृष्टiया सही पाए गए हैं। इस सरकार का भ्रष्टाचार और अपराध में शामिल होना आम बात है। मनरेगा कोई अकेली योजना नहीं जिसका धन सरकार के मंत्रियों ने हड़प ली ढरों योजनाएं रहीं जिनका लाभ जनता को कभी मिल ही नहीं पाया।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच हो जाए तो बसपा सरकार पूरी तरह भ्रष्टाचार में डूबी नजर आएगी और उसका असली चेहरा जनता के सामने होगा। श्री तिवारी ने कहा कि केन्द्र सरकार स्वत: बसपा के काले कारनामों को ढकने में बराबर की दोषी है। केन्द्र सरकार केवल बसपा सरकार को डराकर अपना मकसद हल करना चाहती है। यदि केन्द्र सरकार में जरा भी न्यायप्रियता होती तो राज्य की सरकार कब की बर्खास्त हो जाती।












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