दिल्ली में मानव तस्कर गिरोह का भंडाफोड़

सीआईएसएफ के प्रवक्ता एसके सारस्वत ने बताया कि कुलवंत सिंह शनिवार की रात करीब सवा ग्यारह बजे अमृतसर जाने के लिए फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचा था। जांच के दौरान सीआईएसएफ कर्मी को कुलवंत की पैंट की जेब में कुछ उभरापन लगा। सीआइएसएफ स्टाफ ने उससे जेब में रखा सामान बाहर निकालकर जांच कराने को कहा। कुलवंत ने जेब में से एक पॉलिथिन निकालकर दी। पॉलिथिन में पांच रबर स्टाम्प थीं। एक स्टाम्प इमीग्रेशन विभाग की थी जबकि चार एयर इंडिया के सुरक्षा स्टाफ से संबंधित थी।
कुलवंत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह राजकुमार तथा दलविंदर सिंह लिधर के साथ आया था। उसे वह रबर स्टाम्प की पॉलिथिन टी-3 पर शौचालय में सिक्योरिटी जांच से पहले राजकुमार ने पकड़ाई थी। पूछताछ में पता चला कि दोनों सिक्योरिटी जांच कराने के बाद फ्लाइट में दाखिल होने के लिए रवाना हो चुके हैं। सीआईएसएफ ने दोनों को फ्लाइट में चढ़ने से पूर्व बोर्डिग गेट संख्या-18 के समीप दबोच लिया। जांच में इमीग्रेशन तथा एयर इंडिया सुरक्षा स्टाफ ने रबर स्टाम्प को फर्जी करार दिया। पूछताछ में सामने आया कि जालंधर निवासी कुलवंत को कनाडा भेजने के लिए दलविंदर सिंह ने 20 लाख रुपये वसूले थे। दलविंदर भी जालंधर का रहने वाला है। राजकुमार दिल्ली के पश्चिम विहार का निवासी है। वह दलविंदर के साथ काम करता है।












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