अब आराम से लीजिए तत्काल टिकट

यहां बता दें कुछ एजेंट एक खास साफ्टवेयर की मदद से तत्काल के टिकट आठ बजे सर्वर खुलते ही करा लेते थे। आम आदमी को कभी तत्काल टिकट नहीं मिलता था। यहां महत्वपूर्ण ट्रेनों की बात हो रही है। लेकिन नई व्यवस्था से आम आदमी को टिकट मिलने का मौका रहेगा। अभी तक एजेंट आरक्षण खुलते ही सुबह एक घंटे में ज्यादातर टिकट बुक कर लेते थे। इससे आम यात्रियों को बेहद दिक्कत होती थी। रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी ने भी आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में तत्काल टिकट के आरक्षण में हो रहे फर्जीवाड़े को स्वीकार किया था। उन्होंने माना कि 'तत्काल" सुविधा का लाभ आम आदमी को नहीं मिल रहा है जबकि आईआरसीटीसी के एजेंट इसका लाभ उठा रहे हैं। हालांकि पिछले महीने ही आईआरसीटीसी ने कई कदम उठाए थे। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ था।
रेल अधिकारियों के मुताबिक सुबह 8 से 9 बजे तक एजेंटों को 'तत्काल" टिकट की बुकिंग के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही 'तत्काल" टिकट में अब नाम परिवर्तन भी नहीं हो सकेगा। जो व्यक्ति तत्काल टिकट पर यात्रा कर रहा है उसे अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। आम आदमी इंटरनेट के जरिए आसानी से टिकट लेसके, इसके लिए आईआरसीटीसी की सर्वर क्षमता को भी बढ़ाया गया है। गलत और अवैध बुकिंग हतोत्साहित करने के लिए रिफंड के नियमों को भी सख्त किया गया है।
जाहिर है कि रेलवे ने ई-टिकट बुकिंग की अपनी अधिकृत वेबसाइट इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) को हैकरों से बचाने के लिए करीब सात माह पूर्व कैप्चा तकनीक से लैस किया था। इसके बावजूद ऑन लाइन बुकिंग में फर्जीवाड़े की घटनाएं कम नहीं हुई हैं। इस बात को रेलमंत्री ने भी स्वीकार किया। फर्जीवाड़ा ज्यादातर रेलवे के अधिकृत एजेंटों की मिलीभगत से हो रहा है। अब देखना है रेलवे के इस कदम से आम आदमी को कितना फायदा मिल सकता है। लेकिन इतना तो तय है यह आम आदमी भी कम से कम इंटरनेट और लैप टाप वाला ही होना चाहिए।












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