राइट टू रिकाल से आएगी राजनीतिक अस्थिरता

उन्होंने कहा कि राइट टू रिजेक्ट जैसे प्रस्ताव के कारण बार-बार चुनाव होंगे। हमें आशंका है कि अगर हमने सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करना शुरू कर दिया तो हमें एक और चुनाव कराना होगा और लोग पहले ही चुनाव से ऊबने की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्वीकार कर देने के अधिकार के नकारात्मक पक्ष के बजाय आप अच्छे उम्मीदवार को क्यों नहीं चुनते। वापस बुलाए जाने के अधिकार के बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, भारत जैसे बड़े देश में यह कतई संभव नहीं है। चुनाव सुधारों के बारे में कुरैशी ने कहा कि आयोग चाहता है कि ऐसे दागी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोका जाए जिनके खिलाफ बलात्कार, अपहरण, हत्या और डकैती जैसे गंभीर आरोप हैं।












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