सचान हत्याकांड के लिये मायावती दोषी: शिवपाल

शिवपाल सिंह यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री मायावती ने लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर अपने कई मंत्रियों को पद से हटाया है लेकिन बहुत से असली भ्रष्ट मंत्री अब भी पदों पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंत्रियों में कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्य, लालजी वर्मा, रामवीर उपाध्याय, रामअचल राजभर, फतेहबहादुर सिंह तथा राकेश धर त्रिपाठी शामिल हैं। ये सभी मंत्री मुख्यमंत्री की कृपा से अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं और वे घोटाले से एकत्र किया गया धन मुख्यमंत्री तक पहुंचाते हैं। यादव ने एक सवाल पर कहा कि उनकी पार्टी इन मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत करेगी। उन्होंने मांग की कि लोकायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमण्डल से निकाले गए मंत्रियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिये। लखनऊ जेल में बंद रहे उप मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर योगेन्द्र सिंह सचान की हत्या के लिये मुख्यमंत्री खुद दोषी हैं और उनके पद पर रहते इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती।
सचान की संदिग्ध हालात में मौत के बाद तत्कालीन विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) बृजलाल तथा कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह ने भी बेझीझक इसे आत्महत्या का मामला बता दिया। दरअसल इस मामले में ये सभी लोग दोषी हैं। यादव ने दावा किया कि सचान की हत्या जेल से बाहर एक फार्महाउस में की गई। सवाल यह है कि वह पुलिस अभिरक्षा के बिना जेल से बाहर कैसे पहुंचे और फिर हत्या के बाद उन्हें कारागार में कैसे लाया गया, किसके फोन पर इस मामले के दोषी लोगों को पकड़ा गया। इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिये। सपा नेता ने कहा चूंकि कारागार विभाग मुख्यमंत्री मायावती के पास है और इसलिये इस पूरे घटनाक्रम के लिये वह खुद जिम्मेदार हैं। सपा में अपराधी तत्वों के प्रवेश करने सम्बन्धी प्रश्न पर यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे किसी भी व्यक्ति को अपने साथ नहीं रखेगी। ऐसे लोगों की जगह जेल में है। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के कहे जाने वाले विधायक गुड्डू पंडित पर लगे आरोप अगर सही साबित होते हैं तो पार्टी उन्हें अपने साथ नहीं रखेगी।












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