एमसीडी का तीन हिस्से में लगभग विभाजन तय

गौरतलब है कि दो माह पूर्व भेजे गए पत्र में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एमसीडी प्रशासन से विभाजन से संबंधित सुझाव मांगे थे। दिल्ली सरकार की कैबिनेट करीब पांच महीने पहले एमसीडी को तीन भागों में विभाजित करने का ड्राफ्ट बिल केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप चुकी है। करीब दो महीने पहले दिल्ली सरकार ने एमसीडी प्रशासन को भी अपने सुझाव देने के लिए पत्र लिखा था। मगर इस पत्र का जवाब देना प्रशासन ने उचित नहीं समझा। इस सप्ताह सोमवार को जब सरकार ने रिमांडर भेजा तो सिविक सेंटर में तत्काल बैठक बुलाई गई।
एमसीडी कमिश्नर केएस मेहरा की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में सभी एडिशनल कमिश्नर व विभाग प्रमुखों ने हिस्सा लिया। इसमें निर्णय लिया गया कि एमसीडी विभाजन को लेकर 5 अगस्त को निगम सदन की बैठक में जो सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास हुआ था, उसे ही सुझाव के रूप में दिल्ली सरकार को भेज दिया जाए। नेता सदन सुभाष आर्य ने सभी निगम पार्षदों की सहमति से प्रस्ताव पारित कर यह मांग की थी कि एमसीडी के जो अधिकार संविधान द्वारा दिए गए हैं और गृह मंत्रालय के पास हैं, उन्हें दिल्ली सरकार को न दिए जाएं। उन्होंने कहा कि एमसीडी के जो अधिकार दिल्ली सरकार के अधीन हैं उन्हें वापस दिया जाए। मेयर इन काउंसिल प्रणाली लागू हो और मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाए। इस प्रस्ताव को ही एमसीडी प्रशासन ने सुझाव के रूप में दिल्ली सरकार को भेज दिया है।












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