भाजपा में पीएम पद के कई दावेदार

सूत्र बताते हैं कि जैसे ही उमा भारती ने प्रधानमंत्री की दावेदारी का मुद्दा छेड़ा और आडवाणी की दावेदारी पेश की वैसे ही आडवाणी की आंखों से आंसू छलक पड़े। हालांकि, आडवाणी ने इसके तुरंत बाद कहा कि उनकी इस यात्रा का संबंध व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या फिर भाजपा से नहीं है। इस यात्रा को वह भ्रष्टाचार व काले धन के मुद्दे पर केंद्रित रख रहे हैं। इसके तुरंत बाद ही दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री पद पर उमा की बात को खारिज कर दिया और कहा कि समय आने पर ही पार्टी इस बारे में फैसला करेगी। इससे पहले वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने खुद को दौड़ में शामिल करते हुए कहा था कि पार्टी में प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य व्यक्तियों की कमी नहीं है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने गुरुवार को कहा है कि पार्टी में उनके सहित कई नेता प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के योग्य हैं लेकिन लोकसभा चुनावों के करीब आने पर ही यह फैसला किया जाएगा कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार किसे बनाया जाए किसे नहीं। सिन्हा ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में से किसे प्रधानमंत्री बनाया जाएगा इस आशय की अटकलों और इन दोनों नेताओं के बीच मतभेद की रिपोर्टों को कम महत्व देने की कोशिश की। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह केवल मीडिया की देन है और भाजपा में कोई इस बारे में बात नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि काग्रेस में चर्चा है कि संप्रग सरकार का वर्तमान कार्यकाल पूरा होने से पहले ही काग्रेस महासचिव राहुल गाधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बागडोर ले सकते हैं। इसे लेकर संतुलन बनाने की कोशिश में मीडिया ने भाजपा को लेकर यही कहानी गढ़ दी।












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