भारत का दोस्त रूस चला चीन की ओर

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ समय से संबंध उतने नाजुक नहीं रहे हैं। दोनों देशों में सीमा विवाद बना हुआ है। चीन अपने पड़ोसी देश और भारत के विरोधी पाकिस्तान की मदद से भारत पर निशाना साध रहा है। इन सबके बीच भारत के लिए एक और बुरी खबर आ रही है। भारत के सबसे बड़े देश रूस ने चीन से नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। एशिया में अपना नियंत्रण बनाने के लिए रूस अब पाकिस्तान के साथ भी अपने संबंध मजबूत कर रहा है। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के दौरे पर पहुंचे थे।
सोवियत संघ रूस के विघटन के बाद से एशिया में रूस का दबदबा कम हो गया था। अब रूस उस रुतबे को फिर से वापस हासिल करने की तरफ कदम बढ़ा रहा है। इसके लिए वह चीन और पाकिस्तान पर अपनी नजर गढ़ाए है। रूस एशिया और यूरोप की कड़ी है। जो यूरेशिया में आता है। चीन भी यूरोप से व्यापार को बढ़ावा देने के लिए रूस से संधि कर सकता है। वहीं रूस एशिया में व्यापार बढ़ावे के लिए चीन और गल्फ देशों में व्यापार बढ़ावे के लिए पाकिस्तान से हाथ मिला सकता है।
एशिया में अपने प्रभुत्व को बढ़ाने के लिए चीन पहले ही भारत के सभी पड़ोसी देशों से अपने रिश्ते मजबूत कर सका है। यहां तक कि सभी देशों को लगभग अपने कब्जे में ले चुका है। इस कतार में अब रूस भी चीन के साथ आ सकता है। संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता हासिल करने के लिए भारत पश्चिमी देशों और विकसित देशों से अपने संबंध मजबूत कर रहा है। अपने पड़ोसी देशों से भारत की दूरियां बढ़ रही हैं। भारत को चीन और रूस की इन रणनीतियों से समय से पहले ही होशियार हो जाना चाहिए।












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