सरकार केबल टीवी प्रसारण को डिजिटल बनाने में जुटी

वहीं सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तायुक्त पेयजल आपूर्ति की जांच और निगरानी के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रामीण विकास व पेयजल आपूर्ति मंत्रालय की इस पहल का सबसे अधिक लाभ उन राज्यों को मिलेगा, जहां के भूजल में जहरीले रासायनिक तत्व घुले हुए हैं। गंगा के मैदानी क्षेत्र वाले राज्यों के भूजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड और लोहा जैसे खतरनाक तत्व हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले के बारे में जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप से ही पेयजल की आपूर्ति होती है। इन जहरीले रासायनिक तत्वों का प्रमुख स्रोत हैंडपंप बन गए हैं। सरकार की इस नई पहल से लोगों को जहरीले पेयजल से मुक्ति मिल सकती है।












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