कश्मीर के भाग्य की कुंडली आज सौंपेंगे वार्ताकार

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर की स्थिति पर रिपोर्ट देने के लिए एक साल पहले अनुभवी पत्रकार दिलीप पडगांवकर, शिक्षाविद प्रोफेसर राधा कुमार और पूर्व सूचना आयुक्त एम़ एम़ अंसारी का एक पैनल नियुक्त किया था, ताकि वह जम्मू-कश्मीर मुद्दे का एक व्यावहारिक और उचित समाधान खोज सके। बताया जा रहा है कि वार्ताकार आज अपनी रिपोर्ट केंद्रीय गृहमंत्री को सौंपने वाले है।
सूत्रों ने बताया कि जम्मू- कश्मीर वार्ताकारों ने अपनी रिपोर्ट में राज्य में बहुत सारे बदलाव करने की पेशकश कर सकते है। कहा जा रहा है कि वार्ताकारों ने राज्य में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम को अशांत क्षेत्र से हटाने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि वार्ताकारों की टीम ने आजादी और स्वायत्ता जैसे मुद्दों को कश्मीर में लागू करने के पक्ष में सहमति प्रकट नहीं की है। इसके अलावा रिपोर्ट में मानव अधिकारों के उल्लंघन और राज्य के लद्दाख क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता के बारे में बातचीत करने का प्रस्ताव रखा गया है। रिपोर्ट में सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने को कहा गया है। राज्य में आर्थिक अवसरों और पदोन्नति को बढ़ाने की भी बात रखी गई है।
वार्ताकार सदस्य दिलीप पडगांवकर के अनुसार रिपोर्ट में राज्य के सभी लोगों से मुलाकात करके विचारों के सुझाव को रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वार्ताकारों ने राज्य के सभी भागों का दौरा किया। पिछले एक साल में वार्ताकारों ने लगभग 700 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर के रिपोर्ट तैयार की है। पडगांवकर ने कहा कि हमने कश्मीर केहर पहलुओं पर ध्यान दिया है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों तीनों वार्ताकारों के बीच अनबन की खबरें प्रकाशित हो रही थी। वार्ताकार की एक सदस्य राधा कुमार ने समिति से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।












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