भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने वालों को संघ का समर्थन

संघ के सरसंघचालक डा. मोहन मधुकर राव भागवत ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई संघ के सिद्धान्तों में शामिल है और इसको लेकर संघर्ष करने वाले हर व्यक्ति को उसका समर्थन मिलेगा। अन्ना हजारे व संघ की नजदीकियों को राजनीतिक रंग देने वालों को उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है, भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी के भी आन्दोलन को समर्थन करना संघ की पुरानी नीति है और इसी नीति पर वह आज भी कायम है। उन्होंने संघ को मौजूदा राजनीति के अलग बताते हुए कहा कि संघ पूरे विश्व को 'वसुधैव कुटु बकम' की दृष्टि से देखता है। यह किसी जाति व धर्म विशेष के लिए कार्य नहीं करता।
संघ प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे संघ की नीतियों को गांव-गांव में पहुचायें जिससे लोगों की सोच और व्यवहार में परिवर्तन लाया जा सके। वहीं गरीबी के सरकारी पैमाने की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोंगों ने यह पैमाना निर्धारित किया है वे अपना ही गुजारा इस धनराशि में किसी भी दशा में नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि गरीबी की परिभाषा ऐसी न हो जिससे गरीबों का मजाक उड़े। बढ़ती मंहगाई को ध्यान में रखकर गरीबी की परिभाषा देने की उन्होंने सलाह दी।












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