आलम का कबूलनामा, शहाबुद्दीन के कहने पर 11 की हत्याएं की

आफताब ने पुलिस को पूछताछ में कबूल किया कि 14 वर्ष की उम्र में वह अपराध की दुनिया में उतरा और वर्ष-98 के बाद कभी भी गिरफ्तार नहीं हुआ। शहाबुद्दीन के जेल जाने के बाद वह छत्तीसगढ़ चला गया और वहां सिक्योरिटी सुपरवाइजर का काम करने लगा। उस पर हत्या के बीस मामले दर्ज हैं। इसके अलावा अपहरण, लूट और आर्म्स एक्ट के भी कई मामले दर्ज हैं। वह सांसद के इशारे पर वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस को पूछताछ में उसने अपराध का सिलसिलेवार विवरण दिया है। आलम ने बताया कि सांसद के कहने पर उसने 11 लोगों की हत्याएं कीं। वर्ष-2002 में सांसद के कहने पर अशोक कुमार साहू का अपहरण व बाद में उसकी हत्या, वर्ष-04 में साथी के साथ मिलकर हरेंद्र भगत की सिवान कोर्ट के सामने हत्या, वर्ष-04 में सांसद के कहने पर ही दो लोगों को अपहरण करके उसके घर ले गया और हत्या कर दी, वर्ष-2000 में हरे राम यादव व धनंजय यादव की अपहरण करने के बाद हत्या, वर्ष-2000 में टिंकू सिंह की हत्या, वर्ष-2001 में नासरूद्दीन का अपहरण व हत्या और वर्ष-05 में अजीम मियां का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी।
वर्ष-1990 में पहली बार उसने बाइक सवार युवक को लूटा, वर्ष-92 में साथियों के साथ मिलकर जसौली ईदगाह के पास बस में यात्रियों के साथ लूटपाट, वर्ष-99 में साथियों के साथ छपरिया गांव के पास लूटपाट, वर्ष-99, वर्ष-2000 व वर्ष-2001 में भी लूटपाट, वर्ष-01 में सिवान स्थित इलाहाबाद बैंक मैनेजर के यहां गोलीबारी के बाद लूटपाट। इसके अलावा घरों में लूटपाट की कई वारदातों को अंजाम दिया है।












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