फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो मुस्लिमों के खिलाफ झूठे मामले की सुनवाई

उन्होंने इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए करने की मांग की है। उनकी मांग है कि कोर्ट से निर्दोष साबित होने के बाद उन अधिकारियों को दंडित किया जाए जिन्होंने इन बेकसूर लोगों को गिरफ्तार किया। पिछले दिनों इन मांगों के साथ प्रधानमंत्री से आग्रह कर चुके पासवान ने अब उन लोगों को इकट्ठा करना शुरू किया है जिनके परिवार से बम ब्लास्ट के मामलों में लोग जेल में बंद हैं।
सूत्रों ने बताया कि शनिवार को पासवान के घर पर ऐसे कुछ परिवार के लोग इकट्ठा हुए। बाद में पासवान ने आरोप लगाया कि किसी भी आतंकी घटना में ठोस सबूत के बिना भी मुसलमानों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। कुछ मामलों में तो पूरा का पूरा मुहल्ला पुलिस की नजरों में रहता है। उन्होंने बताया कि लोजपा ने 73 ऐसे मामलों की सूची बनाई है।
उन्होंने इस बाबत एक दो उदाहरण भी दिए और कहा कि पढ़े-लिखे मुस्लिम नवयुवक अलग-अलग मामलों में वर्षो से कैद में हैं। हर एक पर दर्जनों केस हैं। लिहाजा सरकार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सुनवाई शुरू करनी चाहिए। एक साल के अंदर सुनवाई पूरी होनी चाहिए और दोषी को सजा व निर्दोष की रिहाई होनी चाहिए।












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