9/11 जैसे हमलों से बचने के लिए दिल्ली के पास सुखोई की तैनाती

Sukhoi
दिल्ली (ब्यूरो) वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे हमलों से बचने के लिए सरकार ने दिल्ली के पास सुखोई विमानों की तैनाती करने का फैसला किया है। बाद में अन्य शहरों के पास सुखोई या अन्य लड़ाकू विमान तैनात किए जाएंगे, ताकि विमान अपहरण कर हमला करने की कोशिश के मंसूबे पर पानी फेर दिया जाए।

पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चीनी सेना की मौजूदगी के सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह के खुलासे के दो रोज बाद ही वायुसेना प्रमुख नॉरमन अनिल कुमार ब्राउन ने भी पड़ोस में चुनौती पनपने की बात कही। शनिवार को वायुसेना के 79वें स्थापना दिवस के मौके पर संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत के पड़ोस में सुरक्षा वातावरण बेहद नाजुक और चिंताजनक है। ऐसे में हमें सजग रहते हुए सुरक्षा हालात पर बारीक नजर रखनी होगी। पड़ोस में बढ़ रही सैन्य क्षमता के संदर्भ में ब्राउन ने कहा कि हम भी जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम हैं।

बाद में पत्रकारों से बातचीत में ब्राउन ने बताया कि 2014 तक पूरे देश में राडार नेटवर्क फैलाने में हम कामयाब हो सकते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसा कर पाने में एक साल ज्यादा लग सकता है। उन्होंने बताया कि सभी महानगरों और देश के दूसरे हिस्सों की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना वायुसेना के पास है। राडार सिस्टम से लेकर मिसाइलों और लड़ाकू विमानों की तैनाती इसमें शामिल है। हिंडन बेस का इस्तेमाल वायु रक्षक लड़ाकू विमानों को तैनात करने के लिए किया जाएगा ताकि एनसीआर को भी सुरक्षित रखा जा सके।

हालांकि अभी यह तय किया जाना है कि यहां किस तरह के लड़ाकू विमानों की तैनाती हो। विमान सुखोई भी हो सकते हैं और बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान (एमएमआरसीए) श्रेणी के भी। वायुसेना की यह कवायद अमेरिका जैसे हमलों के मद्देनजर किया गया है। अमेरिका जैसे हमले के हालात में वायुसेना इन विमानों को आसानी से निशाना बना सकती है।

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